तालिबान में बाख यूनिवर्सिटी से 50 प्रोफेसरों को निकल दिया गया, अब उनकी जगह मौलवी पढ़ाएंगे

    0
    241

    अफगानिस्तान पर शासन कर रहे कट्‌टरपंथी संगठन तालिबान ने मजार-ए-शरीफ की बाख यूनिर्सिटी के 50 प्रोफेसरों को नौकरी से निकाल दिया है. अफगानिस्तान के एक स्थानीय अखबार ने यह खबर दी है. इसमें बताया गया है कि अब संस्थान से निकाले गए प्रोफेसरों की जगह मौलवियों को नियुक्त किया जाएगा. साथ ही कुछ पदों पर तालिबान के सदस्य भी नियुक्त किए जाएंगे.

    खबरों के मुताबिक ‘हश्त-ए-सुब्ह’ नाम के अखबार के मुताबिक, युनिवर्सिटी से हटाए गए प्रोफसरों में से ही एक ने उसे यह जानकारी दी है. इतना ही नहीं, अखबार की मानें तो इन प्रोफेसरों के खिलाफ उनकी नस्ल के आधार पर तालिबान ने यह कार्रवाई की है. इनमें 27 लोग ताजिक हैं. जबकि 12 हजारा, 5 पश्तून, 2 अरब, 2 सादत, 1 उज्बेक और 1 बयत है. बताया जाता है कि इनमें से 3 प्रोफेसरों के पास डॉक्टरेट की डिग्री है. जबकि 36 के पास मास्टर डिग्री और अन्य के पास बैचलर डिग्री है. यूनिवर्सिटी में तालिबान के प्रतिनिधि अब्दुल्ला सफी ने उन्हें अन्य प्रोफेसरों से अलग चिह्नित किया था.

    खबर की मानें तो अब्दुल्ला सफी इससे पहले इसी यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक और वित्तीय विभाग के 8 लोगों को ऐसे ही आधार पर हटा चुका है. उनकी जगह उसने अपने उम्मीदवारों की नियुक्ति की थी. इतना ही नहीं, तालिबान ने फारसी भाषा को सुप्रीम कोर्ट से हटाने का भी आदेश दिया है. साथ ही, कई संस्थाओं, संस्थानों आदि के बोर्ड से इस भाषा को हटा दिया है. बाख यूनिवर्सिटी में भी इसी तरह की कार्रवाई पहले की जा चुकी है.

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here