केंद्र सरकार के एलान के बाद अब जानिए कितने रुपये लीटर होगा पेट्रोल और डीज़ल?

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लगातार बढ़ती पेट्रोल डीजल की कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को कम करने का एलान किया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि हम पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 6 रुपये प्रति लीटर कम कर रहे हैं. इससे पेट्रोल की कीमत 9.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 7 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएगी.

वहीं सरकार के इस एलान के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 105.41 रुपये से घटकर 95.91 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी. वहीं डीजल के दाम 96.67 रुपये से घटकर 89.67 रुपये प्रति लीटर हो जाएंगे. देश के महानगरों की बात करें तो सरकार के एलान के बाद मुंबई में पेट्रोल के रेट 120.51 रुपये से घटकर 111.01 रुपये प्रति लीटर हो जाएंगे. वहीं डीजल की कीमत 104.77 रुपये से घटकर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी.

महानगरों में ये होंगे नए रेट-वहीं कोलकाता में पेट्रोल का रेट 105.62 रुपये प्रति लीटर होगा और डीजल की नई कीमत 92.83 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी. इसके अलावा चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 110.85 रुपये से घटकर 101.35 प्रति लीटर और डीजल की कीमत 100.94 रुपये से घटकर 93.94 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी.

गैस सिलेंडर खरीदने वालों को भी मिली राहत- बता दें कि, ईंधन के अलावा सरकार ने महंगे गैस सिलेंडर खरीदने वालों को भी राहत दी है और उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 200 रुपये प्रति गैस सिलेंडर की सब्सिडी देने का फैसला किया है. इसका एलान करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, “हम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 9 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 200 रुपये प्रति गैस सिलेंडर (12 सिलेंडर तक) की सब्सिडी देंगे. इससे हमारी माताओं और बहनों को मदद मिलेगी.”

क्या कहा केंद्रीय वित्त मंत्री ने?- निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर कहा है कि जब से केंद्र में पीएम मोदी की सरकार आई है हम गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं. हमने गरीबों और मध्यम वर्ग की मदद के लिए कुछ कदम उठाए हैं. इसका नतीजा ये निकला है कि हमारे कार्यकाल में औसत महंगाई पिछली सरकार से कम ही रही है. उन्होंने कहा है कि दुनिया इस वक्त मुश्किल वक्त से गुज़र रही है. विश्व कोरोना महामारी से उबर ही रहा था कि यूक्रेन संकट आ खड़ा हुआ, जिससे सप्लाई चेन और कई सामानों की शॉर्टेज हुई है. इसके कई देशों में महंगाई और आर्थिक संकट पैदा हुए हैं.

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