पेट्रोल और डीजल को लेकर आई बड़ी खबर, कच्चे तेल की कीमत में हुए बदलाव

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कच्चे तेल के दाम फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गए है, जिसका फायदा सरकारी तेल विपणन कंपनियां आम आदमी तक नहीं पहुंचा रही है। कंपनियों का कहना है पांच राज्यों में चुनाव के दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतें 137 दिनों तक स्थिर रखने के कारण उन्हे बड़ा नुकसान हुआ है, जिससे वे पूरा करने में लगे है। तेल विपणन कंपनियों ने बुधवार को लगातार 21वें दिन भी पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया। बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल के दामों में स्थिरता आम जनता के बीच राहत की बात है।

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 137 दिनों की स्थिरता के बाद गत 22 मार्च से बढ़नी शुरु हुई हैं। कंपनियों ने पिछले 24 दिन में 14 बार पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि की है। तब से अब तक इनके दामों में करीब 10 रुपए प्रति लीटर की तेजी आई है। मार्च के 16 दिनों में 14 बार पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी की थी। इससे पेट्रोल के दामों में 10.97 रुपए और डीजल के दाम में 10.19 रुपए की भारी बढ़ोतरी हुई थी। जयपुर में अभी पेट्रोल के दाम 118.03 रुपए प्रति लीटर हैं, जो कि अब तक का रिकॉर्ड स्तर हैं।

अभी चढ़ सकती है कीमतें- तेल कीमतों में वृद्धि न किए जाने से पेट्रोलियम कंपनियों आईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल को 19,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। आईओसी को 1 अरब से लेकर 1.1 अरब डॉलर, बीपीसीएल और एचपीसीएल प्रत्येक को 55 से लेकर 65 करोड़ डॉलर का नुकसान आंका गया है। क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत में 15 से 20 रुपए का इजाफा करना होगा। कच्चे तेल की बात करें तो वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.88 प्रतिशत की तेजी के साथ 112.30 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

पिछले साल सितंबर में 8.15 रुपए महंगा हुआ था पेट्रोल- पिछले साल नवंबर से पेट्रोल के दाम स्थिर हैं। हालांकि पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों के चुना व के बाद पिछले साल सितंबर के अंतिम दिनों से जो पेट्रोल की कीमतें बढ़नी शुरू हुई, वह दिवाली से पहले तक जारी रही। इतने दिना में ही पेट्रोल 8.15 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया। हालांकि इस बीच केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने शुल्क में कुछ कटौती की थी। हालांकि बीते साल सात नवंबर से इसके दाम स्थिर हैं।

पिछले साल 9.45 रुपए महंगा हुआ था डीजल- पिछले साल सितंबर के बाद पेट्रोल के मुकाबले डीजल का बाजार ज्यादा तेज हुआ था। कारोबारी लिहाज से देखें तो, पेट्रोल के मुकाबले डीजल बनाना महंगा पड़ता है, लेकिन भारत के खुले बाजार में पेट्रोल महंगा बिकता है और डीजल सस्ता बिकता है। बीते साल 24 सितंबर से यहां जो डीजल में आग लगनी शुरू हुई थी, वह उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद रुकी थी। सितंबर से दिवाली तक डीजल करीब 9.45 रुपए महंगा हो गया था।

देश के महानगरों में पेट्रोल-डीजल का हाल- दिल्ली में पेट्रोल के दाम 105.41 रुपए व डीजल के दाम 96.67 रुपए प्रति लीटर, मुंबई में पेट्रोल 120.51 रुपए व डीजल के दाम 104.77 रुपए प्रति लीटर, कोलकाता में पेट्रोल 115.12 रुपए और डीजल 99.83 रुपए प्रति लीटर, चेन्नई में पेट्रोल 110.85 रुपए और डीजल के दाम 100.94 रुपए प्रति लीटर पहुंच गए।

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