पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को लेकर राजस्थान में आई बड़ी खबर, लोगो को लगा फिर जबरदस्त झटका

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    सरकारी तेल कंपनियों ने गुरुवार को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी का दौर जारी रखा. पिछले 10 दिनों में 9वीं बार पेट्रोल और डीजल के दामों में ये बढ़ोतरी की गई है. 31 मार्च को पेट्रोल के दाम 87 पैसे और डीजल के दाम 81 पैसे बढ़ाए गए हैं. इस तरह से पिछले 10 दिनों में ही जयपुर में पेट्रोल 7.01 रुपए और डीजल 6.52 रुपए महंगा हो गया है. डीजल के दामों में चल रही लगातार बढ़ोतरी से सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ने शुरू हो गए है. इस बढ़ोतरी में करीब आधा हिस्सा टैक्स के रूप में सीधे केंद्र और राज्य सरकार के हिस्से में जाता है.

    श्रीगंगानगर में पेट्रोल के दाम 118.97 रुपए और डीजल के दाम 101.67 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गए है. देश सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल श्रीगंगानगर में मिल रहा है. पेट्रोल और डीजल के दामों में ये बढ़ोतरी 21 मार्च से शुरू हुई थी, जब पूरे देश में थोक यानी बल्क डीजल के दाम करीब 25 रुपए बढ़ा दिए गए थे. इस बढ़ोतरी के बाद जयपुर में थोक डीजल के दाम एक झटके में करीब 113 रुपए प्रति लीटर हो गए थे. इसके बाद अगले दिन से रिटेल स्तर पर भी पेट्रोल और डीजल के दोनों के दाम बढ़ना शुरू हो गए और तब से सिर्फ एक दिन 24 मार्च को छोड़कर पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है.

    अभी चढ़ सकती है कीमतें- तेल कीमतों में वृद्धि न किए जाने से पेट्रोलियम कंपनियों आईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल को 19,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. आईओसी को 1 अरब से लेकर 1.1 अरब डॉलर, बीपीसीएल और एचपीसीएल प्रत्येक को 55 से लेकर 65 करोड़ डॉलर का नुकसान आंका गया है. क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत में 15 से 20 रुपए का इजाफा करना होगा. कच्चे तेल की बात करें तो वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.88 प्रतिशत की तेजी के साथ 112.30 डॉलर प्रति बैरल हो गया.

    पिछले साल सितंबर में 8.15 रुपए महंगा हुआ था पेट्रोल- पिछले साल नवंबर से पेट्रोल के दाम स्थिर हैं. हालांकि पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों के चुना व के बाद पिछले साल सितंबर के अंतिम दिनों से जो पेट्रोल की कीमतें बढ़नी शुरू हुई, वह दिवाली से पहले तक जारी रही. इतने दिना में ही पेट्रोल 8.15 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया. हालांकि इस बीच केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने शुल्क में कुछ कटौती की थी. हालांकि बीते साल सात नवंबर से इसके दाम स्थिर हैं.

    पिछले साल 9.45 रुपए महंगा हुआ था डीजल- पिछले साल सितंबर के बाद पेट्रोल के मुकाबले डीजल का बाजार ज्यादा तेज हुआ था. कारोबारी लिहाज से देखें तो, पेट्रोल के मुकाबले डीजल बनाना महंगा पड़ता है, लेकिन भारत के खुले बाजार में पेट्रोल महंगा बिकता है और डीजल सस्ता बिकता है. बीते साल 24 सितंबर से यहां जो डीजल में आग लगनी शुरू हुई थी, वह उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद रुकी थी. सितंबर से दिवाली तक डीजल करीब 9.45 रुपए महंगा हो गया था.

    देश के महानगरों में पेट्रोल-डीजल का हाल- दिल्ली में पेट्रोल के दाम 101.81 रुपए व डीजल के दाम 93.07 रुपए प्रति लीटर, मुंबई में पेट्रोल 116.72 रुपए व डीजल के दाम 100.94 रुपए प्रति लीटर, कोलकाता में पेट्रोल 113.35 रुपए और डीजल 96.22 रुपए प्रति लीटर, चेन्नई में पेट्रोल 107.45 रुपए और डीजल के दाम 97.92 रुपए प्रति लीटर पहुंच गए.

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