11 दिन में 25 अंतिम संस्कार: श्मशान के चक्कर काटते थक चुका दूल्हे का भाई सांगसिंह, अब रो भी नहीं पाता

हंसते-खेलते दो मासूम घर का आंगन सूना कर गए…माता-पिता का साया सिर से उठ गया…बहन भी साथ छोड़ गईं… अर्धांगिनी और छोटा भाई अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। नियती ने ऐसा क्रूर मजाक किया कि जिंदगी पहाड़ सी हो गई। एक-एक पल बरसों जैसे कट रहे। महज एक सप्ताह में … Read more