राजधानी एक्सप्रेस के भोजन में कॉकरोच, यात्री ने कहा Shame On you..

भारत में आम आदमी की ट्रेनें (Passenger Trains) देरी से चलने के लिए विख्यात हैं। इन ट्रेनों में मिलने वाली सेवा शायद ही कभी मानक के अनुरूप होती हैं। लेकिन राजधानी (Rajdhani Express), शताब्दी (Shatabdi Express), वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) जैसी प्रीमियम ट्रेनें इनसे अलग हैं। रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) का दावा है कि इन प्रीमियम ट्रेनों (Premium Trains) में सबकुछ चाक-चौबंद है। लेकिन दो दिन पहले ही देश के अति प्रतिष्ठत 22222, CSMT राजधानी एक्सप्रेस में जो कुछ हुआ, उसे शायद आप भी बर्दास्त नहीं करेंगे। एक यात्री ने अपनी ढाई साल की बच्ची के लिए आमलेट मंगवाया। उस आमलेट में एक कॉकरोच निकला। उस पैसेंजर ने इसका फोटो खींचा और प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल, गोयल के कार्यालय और रेल मंत्रालय को टैग करते हुए ट्वीट कर दिया। ट्वीट किए हुए 24 घंटे बीत गए हैं, लेकिन अभी तक इस पर रेलवे की कार्रवाई का कोई अपडेट नहीं आया है।

क्या है वाकया

योगेश मोरे (Yogesh More – designer @the_yogeshmore) नाम का एक यात्री 16 दिसंबर 2022 को दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन से ट्रेन संख्या 22222, सीएसएमटी राजधानी एक्सप्रेस से मुंबई की तरफ रवाना हुआ। अगली सुबह नाश्ते के समय उन्होंने अपनी ढाई साल की बच्ची के लिए अलग से आमलेट मंगवाया। इस आमलेट के बीच उन्हें मिला एक कॉकरोच। वह हैरान रह गया। फिर उस यात्री ने इसका फोटो खींचा और ट्वीट कर दिया। वह पूछते हैं ‘अगर (कॉकरोच वाला आमलेट खाने से) कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।’ इस पर कुछ ही देर में रेल मंत्रालय के ट्वीटर हैंडर रेल मदद @RailwaySeva से जवाब आया “असुविधा के लिए खेद है। महोदय, कृपया सीधे संदेश (DM) में पीएनआर नंबर और मोबाइल नंबर साझा करें।”

बस शुरू हो गए यात्री

रेलवे के इस ठंडे रिस्पांस पर कुछ यात्री भड़क गए। एक यात्री ने रेलवे की आलोचना करते हुए कहा, ” कैसी असुविधा? यदि स्वच्छता के मानक नहीं बनाए जा सकते हैं, तो इसकी भरपाई Financial Remuneration से की जानी चाहिए। यदि मैं बिना टिकट यात्रा करता हूं, तो क्या मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि “Inconvenience regretted for financial loss to Railways” रेलवे का क्या डबल स्टेंडर्ड है…

हर ट्रेन के खाने की हालत खराब, सरकार एक्शन क्यों नहीं लेती?

इस पर Vasu Basant Arya @basant_vasu नाम के यात्री लिखते हैं, हर ट्रेन में खाने की हालत खराब है। इस देश को कोई एक भी व्यक्ति नहीं कह सकता है कि ट्रेन का खाना बढ़िया है। सरकार इस पर एक्शन क्यों नहीं लेती। वह कहते हैं कि हम हर चुनाव में बीजेपी को वोट देते हैं इसलिए ट्रेन में खाना जैसे बेसिक नेसेसिटी के लिए तो आपको आनसरेबल होना ही चाहिए।

क्या यही है नया इंडिया

Santanu Ganguly @SantanuGangul19 नाम के एक यात्री ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि इंडियन रेलवे में खाने की खराब गुणवत्ता इसके कैटरिंग सर्विस की प्रेस्टिज को रिफ्लेक्ट करता है। इंडियन रेलवे कैटरिंग सर्विस के तीन पिलर्स हैं- बैड टेस्ट, पूअर हाइजिन और गंदे किचन स्टाफ (Bad Taste, Poor Hygiene and Dirty kitchen staffs)। लोग इससे घृणा करते हैं लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ता है। वह सवाल पूछते हैं.. क्या यही नया इंडिया है?

रेलवे की दो चीजें कभी नहीं सुधर सकती

Rahul @RamtekeRahul1 नाम के एक व्यक्ति ने तो पूरे इंडियन रेलवे पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया। उन्होंने लिखा है- भाई भारतीय रेलवे में ये तो आम बात है, अगर आप रेल में ऑर्डर करते हैं तो इस चीज के लिए तैयार रहें। भारतीय रेलवे की दो चीजें कभी नहीं सुधर सकती। पहला है भोजन और दूसरा शौचालय (toilet)।

हमेशा यही रिस्पांस होता है

venkatanaveen @naveenpv59 नाम के एक पैसेंजर का कहना है कि रेलवे के पास हमेशा एक ही रिस्पांस होता है, और यह मसला कभी हल नहीं होता है। यूजर ने लिखा “वे (इंडियन रेलवे) सिर्फ पीएनआर और फोन नंबर लेते हैं, लेकिन उनके पास कोई समाधान नहीं होता है। या वे सिर्फ एक टिकट नंबर जनरेट कर सकते हैं और इसे यह कहते हुए क्लोज कर सकते हैं कि यह रिजोल्व हो गया। @RailMinIndia का यह एकदम पैथेटिक रिस्पांस है। Ankit @anki4009 नाम के एक व्यक्ति ने आईआरसीटीसी के लिए सिर्फ तीन शब्द कहा है ..Shame On you @IRCTCofficial.

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