राजस्थान में कुओं से कच्चे तेल की धार हो रही है कम, अब नए कुओं से उम्मीद

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राजस्थान में कूड़ ऑयल (कच्चा तेल) मिलने के बाद ही रिफाइनरी लगाने की तैयारी हुई थी। रिफाइनरी निर्माण की साल-दर-साल अवधि बढ़ती जा रही है, तो इधर क्रूड़ उत्पादन प्राकृतिक रूप से लगातार कम (नेचुरल डिक्लाइन) होता जा रहा है। प्रदेश के प्रमुख कुओं मंगला, एश्वर्या, भाग्यम व अन्य में कमी होने से उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। हालांकि उत्पादन स्थिर रखने के लिए कुओं से तेल निकालने में अब एनहांस्ड ऑयल रिकवरी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इन हालात में क्रूड़ ऑयल की उम्मीद उन 8 ब्लॉक से हैं, जहां खोज चल रही है।

हाल में बाड़मेर जिले में एक नए कुएं दुर्गा की खोज की गई है। जिसमें 400 बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है। यह तेल 2615 मीटर गहराई में जाकर खोजा गया है। अभी कुएं के तेल भण्डार और उत्पादन क्षमता के आकलन के लिए वैल टेस्टिंग शुरू हो गई है।

बाड़मेर के पचपदरा में 9 मिलियन टन वार्षिक क्षमता की बीएस-6 मानक रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स की स्थापना की जा रही है। इसके लिए 9 मिलियन टन वार्षिक क्रूड़ ऑयल की जरूरत होगी। जबकि अभी प्रदेश में करीब 6 मिलियन टन वार्षिक निकल रहा है। ऐसे में शेष क्रूड़ रिफाइनरी के लिए इम्पोर्ट किया जाएगा। जैसे-जैसे प्रदेश में उत्पादन क्रूड़ ऑयल का कम होगा, वैसे ही इम्पोर्ट ज्यादा करना होगा।

2 लाख से 1.13 लाख बैरल प्रतिदिन पर आय उत्पादन
प्रदेश में कूड़ ऑयल उत्पादन कुछ साल पहले 2 लाख 5 हजार बैरल प्रतिदिन पहुंच गया था। इसके बाद लंबे समय तक उत्पादन 1.75 लाख बैरल प्रतिदिन पर रखा गया। लेकिन इसमें अब लगातार गिरावट आ रही है। अभी उत्पादन घटकर 1 लाख 13 हजार बैरल प्रतिदिन पर आ गया है। वैसे राजस्थान कच्चे तेल (क्रूड़) उत्पादन में बॉम्बे हाई के बाद दूसरे नंबर पर है। राज्य में देश के कुल कच्चे तेल उत्पादन 30 मिलियन टन वार्षिक का लगभग 6 मिलियन टन वार्षिक (20 फीसदी) उत्पादन हो रहा है। हालांकि बताया जा रहा है कि प्रदेश में अभी खनिज तेल के लगभग 205 मिलियन टन बैरल के सिद्ध भण्डार मौजूद हैं।

उत्पादन गत 11 वर्षों में
वित्तीय वर्ष – उत्पादन (मिलियन बैरल प्रति वर्ष)
2010-11 – 38.95
2011-12 – 46.94
2012-13 – 62.03
2013-14 – 65.61
2014-15 – 63.38
2015-16 – 60.30
2016-17 – 58.63
2017-18 – 56.25
2018-19 – 50.66
2019-20 – 47.88
2020-21 – 42.62
(वर्ष 2013-14 में सर्वाधिक रहा उत्पादन)

गत तीन वर्षों में मिला राजस्व
वित्तीय वर्ष – लक्ष्य – प्राप्त राजस्व (करोड़ में)
2019-20 – 4300 – 3320.10
2020-21 – 2200 – 1904.79
2021-22 – 4000 – 3601.07 (फरवरी तक)

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