राजस्थान रोडवेज करोड़ो के घाटे में जाने के बावजूद नहीं बड़ा रही किराया, बेफिक्र होकर करो बस में सफर

0
175

पेट्रोल-डीजल की कीमतें दिन-प्रतिदिन भले ही बढ़ रही हो लेकिन लाखों लोगों को रोजाना सफर कराने वाली राजस्थान रोडवेज और सरकार फिलहाल इसका भार यात्रियों पर नहीं डालेगी. राजस्थान रोडवेज सालाना करोड़ों रुपये के घाटे में चल रही है. दूसरे राज्य अपने यहां सार्वजनिक परिवहन के इस घाटे की पूर्ति के लिए टिकटों के दामों में भारी इजाफा कर चुके हैं लेकिन राजस्थान रोडवेज यात्रियों की सेवा को ही प्राथमिकता दे रही है. रोडवेज सूत्रों के मुताबिक फिलहाल किराया बढ़ोतरी का कोई विचार नहीं है. रोडवेज ने बीते पांच साल से किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की है.

राजस्थान रोडवेज ने वर्ष 2018 से ही किराया नहीं बढ़ाया है. जबकि इस दरम्यिान पेट्रोल-डीजल के भाव कई रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं. इसके विपरीत राजस्थान के पड़ोसी राज्यों ने सार्वजनिक परिवहन के बढ़ते घाटे को देखते हुये किराया बढ़ाकर राजस्व बढ़ाने का तरीका निकाल लिया लेकिन रोडवेज में ऐसा कदम नहीं उठाया है. हाल फिलहाल इसकी कोई सुगबुगाहट भी नहीं है.

कई बार तनख्वाह के रुपये तक का टोटा पड़ जाता है- यह बात दीगर है कि रोडवेज के पास कई बार कर्मचारियों की तनख्वाह और विभाग से सेवानिवृत्त हुये पेंशनरों की पेंशन तक के रुपये का टोटा पड़ जाता है लेकिन इसके बावजूद किराये के मुद्दे पर शांति छायी हुई है. बीते बरसों में ऐसे कई मौके आए हैं जब रोडवेज कर्मचारियों को अपनी ही तनख्वाह के लिए हड़ताल और प्रदर्शन करने पड़े लेकिन उसके बावजूद यात्रियों पर इसका भार नहीं डाला गया.

सरकार ने किराया बढ़ाने से किया इनकार- इसके पीछे की वजह राज्य सरकार इस पर ‘ना’ है. हालांकि रोडवेज विभाग एक बार किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव लेकर सरकार के पास गया था लेकिन उसने किराया बढ़ाने से इंकार कर दिया. इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस बार के बजट में रोडवेज के सभी कर्मचारियों की परेशानियों को दूर कर दिया है. लेकिन रोडवेज के किरायों के दामों में बढ़ोतरी नहीं की गई. इसके पीछे एक कारण यह भी है कि परिवहन मंत्रालय लगातार ऐसे आइडिया पर काम कर रहा है जिससे रोडवेज के राजस्व में बढ़ोतरी की जा सके और बिना किराया बढ़ाए घाटे को खत्म किया जा सके.

2018 में किराया बढ़ाया गया था 10 पैसे प्रति किलोमीटर- हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश इन सभी पड़ोसी राज्यों में राजस्थान रोडवेज के मुकाबले ज्यादा किराया है जो हाल ही में बढ़ाया गया है. राजस्थान रोडवेज ने आखिरी बार जब 2018 में किराया बढ़ाया गया था तो वो भी बहुत मामूली था. तब एक किलोमीटक पर सिर्फ 10 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी. फिलहाल सरकार का किराया बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है. लिहाजा महंगाई के दौर में भी बेफिक्र होकर रोडवेज के सफर का आनंद लिजिये.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here