नींद ना आने की समस्या का करना पड़ता है सामना, जानिए नई स्लीप ट्रिक दिमाग से तनाव चिंता को करें दूर

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नींद ना आने की समस्या का बहुत से लोगों को सामना करना पड़ता है. अच्छी नींद ना आने के कारण सेहत पर भी इसका काफी बुरा असर पड़ता है. ऐसे में हम आपको एक ऐसी ट्रिक के बारे में बताने जा रहे हैं
सोते ही गहरी नींद आ जाना कुछ लोगों के लिए सिर्फ एक सपना होता है. बहुत से लोगों को रात में सोते समय नींद ना आने की समस्या का सामना करना पड़ता है जिससे उनकी सेहत पर भी इसका बुरा असर पड़ता है. आमतौर पर बहुत ज्यादा थकान के चलते नींद काफी आसानी से आ जाती है लेकिन कुछ लोगों के साथ ऐसा नहीं होता. नींद लाने के लिए कुछ ऐसे लोग भी हैं जो दवाईयों का सहारा लेते हैं. हम आपको एक ऐसी ट्रिक बताने जा रहे हैं जिससे आपको बिस्तर पर जाते ही सिर्फ 2 मिनट में नींद आ सकती है.

टिकटॉक पर एक यूजर ने नई स्लीप ट्रिक के बारे में बताया है. टिकटॉक पर इस यूजर का youngeryoudoc नाम से अकाउंट है. व्यक्ति के इस वीडियो को अब तक 25 हजार से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं. इस व्यक्ति ने बताया कि कलाई के एक खास स्पॉट को रब करने से आपको चुटकियों में नींद आ सकती है. शख्स ने इस बात का दावा किया कि ऐसा कुछ मिनट तक करने से आपको गहरी नींद आ जाएगी.

वीडियो में नींद लाने के लिए इस शख्स ने अपनी कलाई के अंदर की तरफ पल्स प्वाइंट पर 2 से 3 मिनट तक सर्कुलर मोशन में मसाज करने की बात कही है. टिकटॉक पर यह 2 मिनट स्लीप ट्रिक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है.

बता दें कि कलाई के अंदर की तरफ पल्स प्वाइंट एक एक्यूप्रेशर प्वाइंट होता है. इस जगह पर जब आप रब करते हैं या हल्के हाथों से इस जगह पर दबाव डालते हैं तो इससे आपका दिमाग शांत होता है. ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन में, कलाई के इस एरिया को शेन मेन कहा जाता है, जिसका हिंदी में मतलब है ‘आत्मा का द्वार’

साल 2010 और 2015 में हुई दो अलग-अलग स्टडीज में लोगों की कलाई के पल्स प्वाइंट में मसाज की गई जिसके रिजल्ट्स काफी अच्छे आए. स्टडी में पाया गया कि इन सभी लोगों की स्लीप क्वॉलिटी अच्छी हुई और स्लीप डिसऑर्डर की समस्या भी काफी हद तक कम हुई. इस दौरान लोगों की स्लीप क्वॉलिटी में बढ़ोतरी भी देखी गई. इस स्टडी में शामिल लोगों की लाइफ क्वॉलिटी भी सही हुई और जो लोग नींद के लिए दवाइयों का सेवन करते थे, उसमें भी कमी देखी गई.

हालांकि रिसर्चर्स का यह भी कहना है कि यह स्टडी काफी छोटी थी जिसमें यह पता लगाना काफी मुश्किल है कि जिन लोगों को इंसोमनिया की दिक्कत है, उन्हें इससे फायदा मिलेगा या नहीं. या खुद से अगर अपनी कलाई की मसाज की जाए तो यह फायदेमंद साबित होगा या नहीं. ऐसे में इन मामलों पर भी रिसर्च करनी काफी जरूरी है.

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