राजधानी दिल्ली में जल्द ही हाई स्पीड रैपिड रेल दौड़ने को है तैयार, जानिए क्यों है ये दुनिया की सबसे खास ट्रेने

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    देश में दिल्ली मेरठ रैपिड रेल का काम तेजी से किया जा रहा है। इस कॉरिडोर को अत्याधुनिक तकनीक के साथ बनाया जा रहा है। वही बताया जा रहा है कि ये कॉरिडोर अपनी कई खूबियों के कारण खास भी होने वाला है। इस कॉरिडोर में सिग्नल, दूसरे कॉरिडोर पर रेल चली जाने और प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रैपिड रेल दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक पर आधारित है. जिसे दिल्ली रूट पर चलाया जा रहा है. इसे लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी है. बताया जा रहा है कि जल्द ही लोगों को रैपिड रेल का तोहफा दे दिया जाएगा.

    सबसे आधुनिक होंगे कॉरिडोर- वहीं इस कॉरिडोर से कई लोगों को भी काफी फायदा होने वाला है। जिस तकनीक का इस्तेमाल इस कॉरिडोर को बनाने में किया जा रहा है उसका इस्तेमाल अब तक किसी अन्य नेटवर्क में नहीं किया गया है। इस कॉरिडोर में सबसे उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। वही जल्द ही इस कॉरिडोर का काम पूरा भी कर लिया जाएगा। आने वाले कुछ ही सालों में इस कॉरिडोर के पूरा होने का लक्ष्य तय किया गया है।

    उन्नत तकनीक से बनाया जा रहा है कॉरिडोर- बता दें कि इस कॉरिडोर को बनाने में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। दुनिया के कई देशों में यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम के हाइब्रिड लेवल दो और तीन का प्रयोग भी किया जा रहा है। माना जा रहा है कि ये सिस्टम ट्रेन कंट्रोलिंग और सिग्नलिंग में सबसे बेहतर है। इसमें सही तरीके से ट्रेन की गति की जानकारी भी रखी जा सकती है। वहीं इसमें यात्रियों की सुविधानुसार कई बदलाव भी किए जा सकते हैं।

    वहीं इस कॉरिडोर को- बनाने में इस सिस्टम के उपयोग के साथ साथ लॉन्ग टाइम इवोल्यूशन को भी जोड़ दिया गया है। इस तरह का प्रयोग दुनिया में भी पहली बार किया जा रहा है। इससे इस कॉरिडोर को अत्याधुनिक सुविधा भी मिल पाएँगी और साथ ही यात्रियों की यात्रा को भी और सुगम बनाया जा सकेगा।

    एक कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर पर आसानी से जा पाएगी ट्रेन- बताया जा रहा है कि इस कॉरिडोर के बनने के बाद ये पहली बार होगा कि ट्रेन एक कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर पर जा सकेगी और गति में भी किसी तरह का बदलाव नहीं करना पड़ेगा। वहीं सिग्नलिंग को भी प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर के साथ लिंक करने का काम किया जा रहा है। ये देश की सबसे उन्नत ट्रेन नियंत्रण प्रणाली बताई जा रही है। 2025 तक इस कॉरिडोर के काम को पूरा करने का लक्ष्य भी तय कर लिया गया है।

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