राज कुंद्रा की बदनामी होते देख शिल्पा शेट्टी पहुंची हाई कोर्ट, जज ने निकल दी पूरी हेकड़ी

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राज कुंद्रा और उनकी पत्नी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी अपने पति के कारण काफी सुर्खियों में बनी हुई है. कोर्ट की तरफ से अभी तक राज कुंद्रा के हित में कोई भी फैसला नहीं आया. 30 जुलाई को मुंबई हाई कोर्ट ने शिल्पा शेट्टी के मानहानि के मामले में सुनवाई करते हुए सोशल मीडिया पर शेयर की जाने वाली कुछ वीडियो को डिलीट करवाने के आदेश दिए है.

बता दें कि पो,र्न रैकेट मामले में मीडिया कवरेज को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी का गुस्सा फूटा था. उन्होंने नकारात्मक रिपोर्टिंग और अपनी छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए 29 पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में 25 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर किया था. इसी मामले पर शुक्रवार (30 जुलाई 2021) को सुनवाई हुई जहाँ शिल्पा शेट्टी को कुछ बिंदुओं पर तो राहत दी गई. लेकिन साथ ही उनकी याचिका के संबंध में सवाल भी किए गए.

शिल्पा ने अपनी याचिका में द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया टीवी, फ्री प्रेस जर्नल, एनडीटीवी, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब चैनल्स के विरुद्ध दरवाजा खटखटाया था. इसमें उन्हें यूपी के चैनल कैपिटल टीवी, हीना कुमावत और शुद्ध मनोरंजन नामक यूट्यूब चैनल पर अपलोड वीडियो के कंटेंट से राहत मिली.

अदालत ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता और निजता के अधिकार के बीच की रेखा को संतुलित रखना होगा. यह संभव है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संकीर्ण रूप से तैयार करना पड़ जाए. लेकिन निजता के संवैधानिक अधिकार को नजरअंदाज करना संभव नहीं है और न ही यह कहना कि अगर कोई व्यक्ति पब्लिक हस्ती है तो उसने अपने निजता के अधिकार को छोड़ दिया है.

कोर्ट ने माना कि केस में कुछ मामले हैं जिनपर अच्छे से जाँच की आवश्यकता है, लेकिन ये कहना असंभव है कि सभी प्रतिवादियों के सभी बयान मानहानि वाले हैं. शिल्पा की ओर से मामले को कोर्ट में पेश करने वाले वरिष्ठ वकील बीरेंद्र सरफ ने बताया था कि शिल्पा को उन वीडियोज से आपत्ति है जो कैपिटल टीवी, शुद्ध मनोरंज, हीना कुमावत और पीपींग मून ने डाली. इस पर कोर्ट ने उन सभी वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया.

इन वीडियोज में से शुद्ध मनोरंजन पर अपलोड वीडियो में शिल्पा की पेरेंटिंग पर सवाल खड़ किए गए थे . कोर्ट ने साफ कहा कि कोई भी प्रकाशन शिल्पा की पेरेंटिंग पर सवाल न खड़ा करे. कोर्ट ने 29 में से 3 प्रतिवादियों के ख़िलाफ़ उनको राहत प्रदान की. इसमें एक कैपिटल टीवी, दूसरा हीना कुमावत और तीसरा शुद्ध मनोरंजन नाम का यूट्यूब चैनल है. कोर्ट ने कहा कि कैपिटल टीवी अपनी वीडियो हटाए जबकि हीना कुमावत और शुद्ध मनोरंजन के शिवकांत गौतम को अपने वीडियो दोबारा अपलोड नहीं करना चाहिए.

इसके बाद कोर्ट ने कई अन्य मीडिया रिपोर्ट्स जिसमें शिल्पा और उनके पति को लेकर हुई नोक-झोंक की बातें थी, उस पर उनके वकील से पूछा, “क्या आप चाहते हैं कि कोर्ट बैठकर हर एक खबर के लिए मीडिया संस्थानों की तरफ से इस्तेमाल किए गए सूत्रों की जाँच करे?” कोर्ट ने कहा, “पुलिस सूत्रों के आधार पर बनी खबरों को दुर्भावना से भरा या अपमानजनक नहीं कहा जा सकता. अगर आप इस बारे में हमसे कुछ अपेक्षा रखते हैं तो इसके प्रेस की आजादी पर बेहद गंभीर नतीजे हो सकते हैं. अगर कोई शिल्पा शेट्टी के बारे में कुछ कहता है तो यह बड़ी बात हो जाती है? ऐसा क्यों? इसमें ऐसी कौन सी बड़ी बात है? “

कोर्ट ने शिल्पा के वकील से पूछा कि क्या आप ये कह रहे हैं कि अगर कोई शिल्पा के बारे में अच्छा नहीं लिख सकता तो बुरा भी न लिखें. कोर्ट ने कहा कि वह किसी एक प्रतिवादी के कारण वही मामला हर प्रतिवादी से नहीं जोड़ सकते. हाईकोर्ट ने शिल्पा शेट्टी के वकील से कहा, “आपके क्लाइंट के पति के खिलाफ एक गंभीर केस है. इस केस को मीडिया कवर कर रहा है. भारतीय मीडिया को खबरें प्रकाशित करने और दिखाने की पूरी आजादी है. हाईकोर्ट मीडिया की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का कोई काम नहीं करेगा. यानी हाईकोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा. आपका क्लाइंट कोई भी हो. मानहानि को लेकर एक निश्चित कानून है. अदालत उसी के तहत काम करती है.”

उल्लेखनीय है कि अभिनेत्री ने मानहानि मामला दायर करते हुए आरोप लगाया था कि इन मीडियाकर्मियों और मीडिया समूहों ने पो,र्न रैकेट से जुड़े मामले में उनके खिलाफ झूठी मीडिया रिपोर्ट्स प्रकाशित की. शिल्पा ने कहा कि इन मीडिया समूहों ने न केवल ऐसी रिपोर्ट्स प्रकाशित की जिनमें उनके बयानों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, बल्कि कई रिपोर्ट्स में उनके खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कही गई.

हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया था कि इन रिपोर्ट्स और वीडियो के कारण शिल्पा की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है और उनके व्यापारिक सहयोगी, फैंस, ब्रांड एंडोर्समेंट कंपनी और कई अन्य लोग भी इन भ्रामक रिपोर्ट्स से प्रभावित हो सकते हैं. हाईकोर्ट में दायर की याचिका में शिल्पा शेट्टी ने माँग की थी कि न केवल उनके खिलाफ ऐसी रिपोर्ट्स और वीडियो के प्रकाशन पर रोक लगाई जाए, बल्कि अभी तक जिस भी तरह की सामग्री का प्रकाशन किया गया है उसे हटाया भी जाए. साथ ही याचिका में उनके द्वारा यह भी कहा गया कि इन रिपोर्ट्स को प्रकाशित करने वाले मीडिया समूह सार्वजनिक तौर पर माफी भी माँगे.

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