करोड़ो रूपये की संपत्ति दान करके छत्तीसगढ़ का ज्वैलर परिवार ले रहा है जयपुर में जैन दीक्षा

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    छत्तीसगढ़ के बालाघाट में रहने वाले सुराना परिवार ने अपनी पूरी संपत्ति दान कर अध्यात्म की तरफ रुख कर लिया है। सुराना परिवार के तीनों सदस्य विधिवत तरीके से जयपुर साधु-साध्वी की दीक्षा लेंगे। सुराना परिवार में राकेश सुराना (40), पत्नी लीना सुराना (36) और उनके पुत्र अमय सुराना (11) है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वो लोग स्वेच्छा से अध्यात्म के रास्ते पर जा रहे हैं।

    कठिन संघर्ष का सुखद अंत- परिवार के मुखिया राकेश सुराना ने बताया कि उनका शुरुआती जीवन बेहद संघर्ष पूर्ण रहा था। उन्होंने एक छोटी सी किराए की दुकान से व्यवसाय शुरू किया। धीरे—धीरे उनकी मेहनत से छोटी सी दुकान एक जवाहरात शोरुम में बदल गई। घर में सब सुख—सुविधा करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। इसके बाद जयपुर में वर्ष 2015 में मुनि महेंद्र सागर म.सा. के चातुर्मास में प्रवचनों, सौम्यता से उनके जीवन में परिवर्तन हुआ। इस परिवर्तन के चलते उन्होंने अपनी करोड़ों की संपत्ति को सत्कार्यों में विसर्जित करके संयम को धारण करने का संकल्प लिया है।

    मां-बहन भी ले चुकी दीक्षा- सुराना परिवार में इससे पहले वर्ष 2008 में राकेश सुराना की मां और बहन भी दीक्षा ले चुकी है। स्नातक डिग्रीधारी राकेश सुराना ने बताया कि अध्यात्म न सिर्फ जरूरी है बल्कि सबकुछ ही है। वहीं उनकी पत्नी लीना बेंग्लूरु बीएससी और यूके से ग्रेजुएट प्ले थैरेपी का अध्ययन कर चुकी है। लीना वर्तमान समय में रायपुर के पास केवल्य धाम में शिक्षा सहित विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों को पूरा कर जैन धर्म का प्रचार-प्रसार कर रही है।

    मोहनबाड़ी में होगी दीक्षा- जयपुर में गलता गेट स्थित मोहनबाड़ी में जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ संघ जयपुर की अगुवाई में 22 मई से होने वाले कार्यक्रम में दीक्षा दिलाई जाएगी। मुनि महेंद्र सागर म.सा., मुनि मनीष सागर म.सा. आदि ठाणा और मणिप्रभा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा की निश्रा में होने वाले कार्यक्रम में देशभर से भक्त शिरकत करेंगे।

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