देवा गुर्जर के घर में आने वाला है नन्हा मेहमान, परिवार के पास पैसो का कोई हिसाब नहीं

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सोशल मीडिया पर आपने कई गैंगस्टर्स की कहानी पढ़ी और देखी होंगी. नोटो के बंडल, अपने गुर्गों के साथ यह अक्सर किसी फिल्म के हीरे की तरह खुद को पेश करते हैं. उनके लाखों फॉलोवर्स और दर्जनों फैन पेज बना लिए जाते हैं. लेकिन अगर आप इनकी रील लाइफ नहीं रियल लाइफ स्टोरी को जानेंते तो शायद हैरान रह जाएंगे. कुछ दिन पहले राजस्थान का नामी गैंगस्टर देवा गुर्जर की मौत हो गई. कहा जा रहा है कि देवा गैंगवार का शिकार हो गया. अब लोगों के बीच देवा गुर्जर की निजी जिंदगी को लेकर काफी चर्चा है. लोग जानना चाहते हैं कि जिस देवा गुर्जर को सोशल मीडिया ने डॉन बनाया अब उसके परिवार की हालत कैसी है.

देवा गुर्जर का परिवार कोटा से करीब 20 किलोमीटर दूर बीहड़ स्थित बोराबास गांव में रहता है. परिवार का कहना है कि देवा कक्षा 5वीं तक पढ़ा था, लेकिन उसके भाई बिल्कुल भी पढ़े लिखे नहीं है. अब अनपढ़ भाई पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई है. परिजनों का कहना है कि देवा की दो पत्नियां है और 10 बच्चे हैं. पहली पत्नी से 4 लड़की और 2 लड़के और दूसरी से 4 लड़कियां हैं. वह गर्भवती भी हैं. भाई के भी बच्चे हैं.

परिवार का दावा- पैसों का कोई हिसाब नहीं- परिवार का कहना है कि बच्चों के स्कूल की फीस के लिए अब पैसों का इंतजाम करना है. बेटियों की शादी होनी है. सबकी जिम्मेदार एक साथ आ गई है. परिवार का दावा है कि देवा फैक्ट्रियों में लेबर मुहैया कराया करता था. उसके पास जेसीबी, स्कॉर्पियों जैसी गाड़ियों तो थी लेकिन सब फाइनेंस पर. व्यापार का सबकुछ वो ही देखा करता था. किससे पैसे लेने है, किसको देने है, अब इसका उनके पास कोई हिसाब-किताब नहीं है.

‘व्यापार की दुश्मनी में गई देवा की जान’- परिवार का दावा है कि देवा की हत्या व्यापार की दुश्मनी में हुई है. वह तेजी से तरक्की करता जा रहा था. यह कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रहा था. मालूम हो कि 4 अप्रैल को रावतभाटा के एक सैलून में बदमाशों ने देवा गुर्जर पर हमला कर दिया था. इसमें देवा की मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में 9 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. बाकियों की तलाश पुलिस कर रही है.

देवा गुर्जर हिस्ट्रीशीटर था. उस पर कोटा के आरके पुरम थाने में कई मामले दर्ज हैं जिसमें लूटपाट, अवैध वसूली और मारपीट जैसे केस शामिल हैं. चित्तौड़गढ़ के कई थानों में भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. परिवार का कहना है कि देवा अपना खौफ बनाए रखना चाहता था. वह खुद को डॉन कहलाना पसंद करता था. इतना ही नहीं देवा गुर्जर के मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था.

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