मुकेश अंबानी ने अब छोड़ी Reliance Jio की कमान? अब कंपनी का मालिक बनेगा यह शख्स

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भारत के प्रमुख उद्योगपति और देश के सबसे धनी व्यापारी, मुकेश अंबानी ने रिलायंस जिओ की कमान और प्रमुख की गद्दी को अपने बड़े बेटे आकाश अंबानी को सौंप दी है.  दुनिया के सबसे धनी कारोबारी परिवारों में से एक, अंबानी परिवार के बड़े बेटे, 30 वर्षीय आकाश अंबानी, जो पहले रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड में गैर-कार्यकारी निदेशक थे, उन्हें उनके पिता के इस्तीफा देने के एक दिन बाद अध्यक्ष नियुक्त किया गया। मुकेश अंबानी रिलायंस जियो इन्फोकॉम सहित सभी जियो डिजिटल सेवा ब्रांडों के मालिक और प्रमुख कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के अध्यक्ष बने रहेंगे।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि एक व्यावसायिक साम्राज्य अच्छी तरह से चलता रहे और समय के साथ आगे बढ़े और उन्नति कर सके इसके लिए आवश्यक है कि समय सही होने पर एक सक्षम उत्तराधिकारी को सत्ता हस्तांतरित की जाये। उसी विचार का पालन करते हुए अंबानी ने समय की मांग को पूरा किया है और औपचारिक रूप से पीछे हटते हुए अब नए विचारों और मानसिकता के साथ एक नए उत्तराधिकारी को सिंहासन पर बैठाया  है, जो उम्मीद है कि इस विरासत को और भी अधिक ऊंचाइयों पर लेकर जायेंगे। आकाश अंबानी इस पद के लिए एक सफल और सक्षम उत्तराधिकारी साबित हों इसके लिए उन्हें कंपनी के कई छोटी बड़ी परियोजनाओं में काम करने का मौका दिया गया ताकि वे कंपनी के काम को और बेहतर तरीके से सीख कर उसमें निपुण हो सकें.

आकाश अंबानी के बारे में जानने योग्य कुछ बातें- 

– आकाश अंबानी, जिन्होंने ब्राउन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है, रिलायंस समूह की डिजिटल सेवाओं और उपभोक्ता खुदरा प्रस्तावों द्वारा तैयार किए गए विघटनकारी और समावेशी विकास पथ से निकटता से जुड़े हुए हैं और अब 500 मिलियन से अधिक उपभोक्ताओं के लिए ‘अभिसरण लाभांश’ के निर्माण का नेतृत्व कर रहे हैं।

– आकाश जियो के 4जी प्रस्ताव के इर्द-गिर्द डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण में करीब से शामिल रहे है। वह 2017 में एक भारत-स्पेसिफिक फोकस वाले जियोफोन का आविष्कार और लॉन्च करने में इंजीनियरों की एक टीम के साथ शामिल थे, जो 2 जी से 4 जी में कई लोगों को ले जाने के लिए काफी क्रांतिकारी उपकरण बन गया।

– पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से डिजिटल स्पेस में Jio द्वारा किए गए प्रमुख अधिग्रहणों का नेतृत्व किया और AI-ML और ब्लॉकचेन सहित नई तकनीकों और क्षमताओं के विकास में भी शामिल रहे हैं।

–  आकाश 2020 में प्रौद्योगिकी की बड़ी कंपनियों और निवेशकों द्वारा वैश्विक निवेश में शामिल थे, जिसने कई तरह से Jio को वैश्विक निवेशक मानचित्र पर पहुंचा दिया।

वर्ष 2016 में Jio ने अपने सस्ते डेटा और कम मूल्य से भारत की टेलीकॉम मार्केट पर काफी बेहतर पकड़ बना ली जिसके चलते उनके कुछ प्रतिद्वंद्वियों को बाजार से बाहर निकलना पड़ा। तब से Jio इंटरनेट ब्रॉडबैंड जैसी सेवाओं में आक्रामक रूप से निवेश कर रहा है और कम लागत वाले स्मार्टफोन लॉन्च करने और 5G सेवाएं प्रदान करने के लिए हैंडसेट निर्माताओं के साथ संबंध स्थापित कर रहा है।

मुकेश अंबानी की उत्तराधिकार योजना- एक राजा के जब दो उत्तराधिकारी हों तो साम्राज्य के लिए युद्ध छिड़ना संभावित है लेकिन उनकी संपत्ति दो भाइयों के बीच फंसकर उनकी लड़ाई का कारण न बने  इसके लिए वर्षों से, मुकेश अंबानी उन तरीकों का अध्ययन करते रहे जिसमें अरबपति परिवारों- वाल्टन से कोच तक – ने अपनी अगली पीढ़ी को जो उन्होंने बनाया था, उसे पारित किया।

गत वर्ष 2021 में, मुकेश अंबानी ने कंपनी में नेतृत्व पर होने वाले इस बदलाव का एक संकेत भी दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके बच्चे कंपनी में अधिक जिम्मेदारियां ले रहे हैं। साथ ही रिलायंस कंपनी के संस्थापक, अपने पिता धीरूबाई अंबानी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि व्यवसाय को खड़ा करने और नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जो क्षमता उनके पिता में थी, वह देश के विकास में योगदान देने की वही चिंगारी और लगन की झलक उन्हें अपने बच्चों में दिखती है.

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