अजमेर में भी लगे थे आपत्तिजनक नारे, चार लोग को किये गया गिरफ्त्तार

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बूंदी और उदयपुर में कन्हैयालाल की नृशंस हत्या के बाद जो आपत्तिजनक नारे लगाए गए वैसे ही नारे उससे पहले यहां अजमेर में दरगाह के बाहर भी लगे थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दरगाह थाना पुलिस ने 26 जून को भीड़ को हत्या के लिए उकसाने के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज किया। बुधवार देर रात पुलिस ने इस प्रकरण में तीन जनों को गिरफ्तार किया। जबकि एक आरोपी को जयपुर से गुरुवार को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी गौहर चिश्ती फरार है। उसे पुलिस ने घटना के तत्काल बाद पाबंद की कार्रवाई कर छोड़ दिया था।

थानाप्रभारी दलबीरसिंह ने बताया कि दरगाह के निजाम गेट के बाहर मौन जुलूस में आपत्तिजनक नारे लगाने के मामले में बुधवार देर रात खादिम मोहल्ला हाल पन्नीग्रान चौकी के पास रहने वाले फखर जमाली, गुजरात राजकोट मोरबी निवासी रियाज हसन और अजमेर दरगाह बाजार, फूल गली निवासी ताजिम सिद्धकी को बुधवार रात गिरफ्तार किया। गुरुवार सुबह एक अन्य आरोपी जयपुर शास्त्री नगर भट्टा बस्ती निवासी हाल दरगाह बाजार संजरी होटल संचालक मोइन खान पठान को गिरफ्तार किया। प्रकरण में मुख्य आरोपी गौहर चिश्ती फरार है। गिरफ्तार आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आपत्तिजनक नारे लगा रहे 15-20 अन्य लोगों की पहचान में जुटी है। भीड़ को हत्या के लिए उकसाने के आरोप सहित भादसं की धारा 302/115, 117, 143, 149, 504 व 506 में मामला दर्ज किया गया है।

बयान पर बवाल- बीजेपी की निलम्बित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में अजमेर में समुदाय विशेष ने 17 जून को मौन जुलूस निकाला। दरगाह के निजामगेट से निकाले जाने वाले इस जुलूस को प्रशासन ने सशर्त इजाजत दी। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पुलिस के अनुसार जुलूस शुरू होने से ठीक पहले गौहर चिश्ती ने निजामगेट से तकरीर देने के बाद विवादित नारा-सर तन से जुदा …लगाया। यहां मौजूद लोगों ने भी गौहर के नारे पर गौर किए बगैर आवाज में आवाज मिला दी। नारेबाजी पर पुलिस अफसरों ने नाराजगी जाहिर की तो आपसी समझाइश से मामला निपट गया। बिगड़े माहौल व सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और मैसेज पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए गौहर चिश्ती व 15-20 अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

एक दिन पहले रचा षड्यंत्र- पुलिस पड़ताल में सामने आया कि विवादित नारे लगाने का षड्यंत्र जुलूस निकाले जाने के एक दिन पहले यानी 16 जून को गौहर चिश्ती और उसके साथियों ने रच लिया था। साजिश के तहत ही गौहर चिश्ती ने तकरीर के बाद आपत्तिजनक नारा लगाया।

अजमेर कनेक्शन की भी जांच- उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड के तार को अजमेर से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उदयपुर पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि हत्या की वारदात से पहले आरोपी गौस मोहम्मद और रियाज अख्तर ने 17 जून को ही सोशल मीडिया पर नारे लगाते हुए वीडियो वायरल किया था। ठीक इससे पहले दरगाह के निजाम गेट के बाहर आपत्तिजनक नारे गूंजे थे। पुलिस गौहर चिश्ती व अन्य के तार गौस मोहम्मद व रियाज अख्तर से जोड़कर देख रही है।

इनका कहना है….
मौन जुलूस में नारेबाजी करने के मामले में दर्ज प्रकरण में चार जनों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी गौहर चिश्ती समेत 15-20 अन्य की तलाश की जा रही है। उदयपुर हत्या के संबंध में प्रकरण में पड़ताल की जा रही है।

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