दिल्ली में चलने जा रही है पहली रैपिड ट्रैन जानिए कब होगा इसका ट्रायल शुरू

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नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट ने देश की पहली रैपिड रेल पटरी पर उतार दी है. इसका संचालन गाजियाबाद के रास्ते दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के बीच किया जाएगा. सबसे पहले दुहाई से साहिबाबाद के बीच रैपिड ट्रेन का ट्रायल किया जाएगा, जो कि अगस्त माह से दिसंबर के आखिर तक चलने की संभावना है. परीक्षण सफल रहने पर साल 2023 की शुरुआत से इन स्टेशनों के बीच ट्रेन का संचालन किया जाएगा. इसके बाद मेरठ तक ट्रेन को चलाया जाएगा.

रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत चलने वाली रैपिड रेल में दो तरह की ट्रेनें चलाई जाएंगी. पहली एक ट्रेन मोदीपुरम से बेगमपुर-प्रतापपुर होते हुए दिल्ली के सराय काले खां तक चलेगी. जिसका नाम रैपिड रेल है. दूसरी मोदीपुरम से बेगमपुर होते हुए प्रतापपुर तक चलेगी, जिसका नाम मेरठ मेट्रो यानी MTS होगा.

रैपिड रेल की संख्या 30 तक होगी. हर 10 मिनट पर एक ट्रेन आती-जाती रहेगी. 160 किलोमीटर की स्पीड से यह रैपिड रेल लोगों को अपने गंतव्य तक 40 मिनट में पहुंचा देगी.

पहले चरण में दिल्ली से दुहाई के बीच रेलवे कॉरिडोर का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है और फाइनल स्टेज में है. वहीं, देश की पहली रीजनल रैपिड रेल दुहाई डिपो पर असेंबल की जा चुकी है.

गुजरात से 6 बड़े ट्रेलर पर लादकर रेल के बोगियों को इस डिपो में लाया गया था. गुजरात के सावली प्लांट से राजस्थान-हरियाणा होते हुए रेल को गाजियाबाद के दुहाई लाया गया है. इंजीनियरों की टीम ने सोमवार को पूरी ट्रेन को असेम्बल किया और इसके बाद पटरी पर खड़ा कर दिया.

वहीं, रैपिड रेल का सबसे बड़ा डिपो दुहाई में बनकर तैयार है. यहां मशीनरी भवन से इसका संचालन किया जाएगा. इस डिपो में कुल 17 रेल लाइन बनाई गई हैं, जिसमें 11 स्टेबलिंग लाइन, 2 वर्कशॉप लाइन, 3 इंटरनल वे लाइन और 1 हेवी इंटरनल लाइन शामिल है.

बता दें यह रैपिड रेल हाई स्पीड एयरोडायनेमिक रेल है. इसका आगे का हिस्सा लंबी नाक की तरह होता है, जिससे हवा में तेजी से चलाया जा सके. रैपिड रेल को आकर्षक आधुनिक डिजाइन के साथ बनाया गया है. इसमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम है जिससे बिजली पैदा होगी.

यह रेल पूरी तरह से ऑटोमेटिक ट्रेन सुरक्षा ,ऑटोमेटिक नियंत्रण ऑटोमेटिक संचालन से संपन्न रहेगी. इसमें बैठने के लिए सीट और खड़े होने के लिए बीच में जगह रहेगी.

इसके साथ-साथ ही ट्रेन के डिब्बो में यात्रियों के सामान रखने के लिए भी जगह रहेगी. वहीं, सीसीटीवी कैमरे, लैपटॉप-मोबाइल की चार्जिंग की सुविधा, डायनेमिक रूट मैप रीडिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशन सिस्टम आदि भी सफर को शानदार बनाएंगे. इसमें दो कोच स्टैंडर्ड क्लास और टीम मेंबर के साथ-साथ एक कोच महिलाओं के लिए भी आरक्षित रखा जाएगा.

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