इन परिवार वालो को मिलेगा प्रति राशन कार्ड 35 किलो गेहूं, जानिए पूरी जानकारी

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राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जोड़ने के लिए पोर्टल पुनः शुरू कर दिया है. राज्य सरकार की इस घोषणा में 10 लाख नए परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में जोड़ने का लक्ष्य है. साथ ही बारां जिले की सहरिया एवं खैरवा जनजाति और उदयपुर जिले की कथौड़ी जनजाति के परिवारों को वित्त प्रति राशनकार्ड 35 किलो गेहूं हर माह निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा.

इन परिवारों को हर माह 35 किलो गेहूं निःशुल्क- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बारां जिले की सहरिया व खैरवा जनजाति और उदयपुर जिले की कथौड़ी जनजाति के परिवारों को वित्त वर्ष 2022-23 में भी प्रति राशनकार्ड 35 किलो गेहूं हर माह निःशुल्क उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है. इस निर्णय का लाभ इन जनजातियों के 34 हजार 822 परिवारों को मिलेगा. यह लाभ सरकारी एवं अर्द्धसरकारी कर्मचारी, राजकीय सेवा के पेंशनर्स, आयकरदाता, सेवाकर का भुगतान करने वाले परिवारों, चार कमरे के मकान मालिकों तथा चौपहिया वाहन (ट्रेक्टर के अलावा) रखने वाले परिवारों को नहीं मिलेगा.

आमजन को मिलेगा सस्ता गेहूं- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जोड़ने के लिए पोर्टल पुनः शुरू कर दिया है. ई मित्र के माध्यम से नवीन आवेदन पत्र स्वीकार किए जाएंगे. पोर्टल पर आवेदन के लिए जन आधार कार्ड एवं आधार नंबर होना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत पूरे देश में कहीं से गेहूं लेने का लाभ मिल रहा है. भविष्य में भी इन लाभार्थियों को राशन लेने में परेशानी ना हो इसलिए नए आवेदनों में जन आधार कार्ड एवं आधार नंबर को अनिवार्य किया गया है.

दो साल पहले कर दिया था बंद- खाद्य मंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की ओर से लंबे समय से एनएफएसए पोर्टल को पुनः शुरू किए जाने की मांग की जा रही थी. अब प्रदेश का हर जरूरतमंद सस्ते गेहूं का लाभ उठा सकेगा और कोई भूखा नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में प्रदेश के एनएफएसए लाभार्थियों की अधिकतम संख्या 4.46 करोड़ होने पर एनएफएसए पोर्टल को 18 मई 2020 को बंद कर दिया गया था. लेकिन अब पोर्टल पुनः शुरू किया गया है.

इस प्रकार दिया जा रहा है लाभ- खाचरियावास ने कहा कि वर्ष 2013 में यूपीए सरकार के समय शुरू हुई इस योजना से आज भी आमजन लाभान्वित हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ओर से केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर प्रयास भी किया जा रहा है. विभाग की एक रुपए किलो गेहूं फ्लैगशिप योजना के तहत प्रदेश में बीपीएल, स्टेट बीपीएल परिवारों को 5 किलो गेहूं प्रति यूनिट और अंत्योदय परिवारों को 35 किलो गेहूं प्रति परिवार हर माह दिया जा रहा है. शेष सभी श्रेणी के लाभार्थियों को 2 रुपए प्रति किलो गेहूं उपलब्ध करवाया जा रहा है.

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